"बाराबंकी: युवाओं को 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, 1800 को मिलेगा रोजगार"

"बाराबंकी: युवाओं को 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, 1800 को मिलेगा रोजगार"

Interest-Free Loans Up to ₹5 Lakh for Youth

Interest-Free Loans Up to ₹5 Lakh for Youth

बाराबंकी। Interest-Free Loans Up to ₹5 Lakh for Youth, बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अब अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी सरकार देगी। आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार 1800 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

जिले में बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत छोटे उद्योग एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय स्थापित करने के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे जा रहे हैं।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग की ओर से संचालित इस योजना में युवाओं को अधिकतम पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वह अपना रोजगार स्थापित कर सकें। इतना ही नहीं, व्यवसाय शुरू करने वाले लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।

जिले को 1800 युवाओं को इस योजना से लाभांवित कर रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य मिला है। विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी आनलाइन माध्यम से msme.up.gov.in वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।

उपायुक्त उद्योग दिनेश कुमार चौरसिया ने बताया कि योजना का उद्देश्य शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र युवा इस योजना का लाभ उठाकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

पात्रता की प्रमुख शर्तें

उपायुक्त ने बताया कि आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी और आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए, शैक्षिक योग्यता कम से कम कक्षा आठ और इंटरमीडिएट को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदक के पास सरकार की ओर से संचालित प्रशिक्षण योजना से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण, टूल किट योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना, उत्तर प्रदेश कौशल उन्नयन अथवा किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय/शैक्षणिक संस्थान से कौशल संबंधी प्रमाण पत्र होना चाहिए।